लक्ष्मणगढ़ में देवस्थान विभाग की बड़ी कार्यवाही, प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस का जाब्ता रहा मौजूद
लक्ष्मणगढ़। यहां के न्यामा मंदिर में चादरपोशी को लेकर हुए कथित विवाद के बाद राजस्थान देवस्थान विभाग ने सोमवार को अचानक प्रशासनिक अमले व पुलिस जाब्ते के साथ मंदिर पहुंची जहां अपनी कार्यवाही को अंजाम देते हुए मंदिर को अपने नियंत्रण में लिया। न्यायालय के आदेश के बाद देवस्थान विभाग की टीम ने सोमवार को मंदिर की दिवार पर नोटिस चस्पा किया। इस दौरान विभाग के सहायक आयुक्त महेंद्र देवतवाल, उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा, पुलिस उप अधीक्षक दिलीप मीणा सहित पुलिस का जाप्ता मौजूद रहा। इस दौरान मौके पर व्यापारी व नागरिक भी मौजूद थे। विभाग ने न्यामा मंदिर में न्यायालय के आदेश पर सोमवार को कार्यवाही करते हुए देवस्थान विभाग ने मंदिर से जुड़ी सभी संपतियों, दुकानों, बैंक व कृषि भूमि को अपने नियंत्रण में लेते हुए नोटिस चस्पा कर दिया।ग्राम पंचायत लालासी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में रास्ता विवाद का समाधान, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ प्रचलित रास्ता
उपखंड अधिकारी लक्ष्मणगढ़ मोहर सिंह मीना ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत मुख्यालय लालासी, तहसील में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के दौरान राजस्व संबंधी एक महत्वपूर्ण प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई।शिविर के दौरान ग्राम भूरियों का बास के खातेदार ओमप्रकाश पुत्र नाथू, महावीर पुत्र छोटू, रामेश्वर पुत्र छोटूराम, लालबहादुर पुत्र नाथू, श्रंगारी देवी पत्नी भगवानाराम, रामचन्द्र एवं श्रीचन्द पुत्र सुवाराम सहित अन्य ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी के समक्ष उपस्थित होकर अवगत कराया कि राजस्व ग्राम भूरियों का बास के खसरा संख्या 22, 23 एवं 24 में प्रचलित रास्ता आज तक राजस्व रिकॉर्ड में अंकित नहीं होने के कारण उन्हें आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।ग्रामीणों द्वारा इस समस्या के समाधान हेतु शिविर में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी द्वारा भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त खूड़ी बड़ी एवं पटवारी हल्का लालासी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।निर्देशों की अनुपालना में संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया तथा खातेदारों को समझाइश कर आपसी सहमति से रास्ता प्रस्ताव तैयार किया गया। तैयार प्रस्ताव को शिविर प्रभारी द्वारा अनुमोदित किया गया, जिसके पश्चात प्रचलित रास्ते को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया पूर्ण की गई।इस कार्यवाही से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली तथा लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया। खातेदारों ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के आयोजन की सराहना करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग एवं उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।