जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित होंगे
सीकर, 6 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत 7 जुलाई को सीकर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि 7 जुलाई को पिपराली पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बेरी, दांतारामगढ़ की राजपुरा—नौसाल, कांकरा, मंढा, मदनी, धोद की किरडोली, जाचास, नेछवा की काछवा, खण्डेला की रलावता, जयरामपुरा, लक्ष्मणगढ़ की बगड़ी, कुमास जाटान, नीमकाथाना की पुरानाबास, मांकडी, हसामपुर, फतेहपुर की गारिण्डा, अठवास, श्रीमाधोपुर की कंचनपुर ग्राम पंचायतों के भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।इन शिविरों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करेंगे। साथ ही पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ, आवश्यक प्रमाण-पत्र, स्वीकृतियां एवं अन्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान, सहमति से हुआ खातेदारी विभाजन
लक्ष्मणगढ़ उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीना ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत मुख्यालय खीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के दौरान राजस्व संबंधी एक महत्वपूर्ण प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण कर खातेदारों को राहत प्रदान की गई।शिविर के दौरान ग्राम खीरवा के खातेदार अब्दुल हमीद पुत्र मुमताज, आमीर पुत्र मुमताज, चांद मोहम्मद पुत्र मुमताज, मोहम्मद अलियास पुत्र मुमताज एवं हाकम अली पुत्र मुमताज सहित अन्य सहखातेदारों ने शिविर प्रभारी के समक्ष उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि ग्राम खीरवा की आराजी खसरा संख्या 66/3, रकबा 0.38 हेक्टेयर का अब तक विभाजन नहीं होने के कारण उन्हें अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।खातेदारों ने बताया कि जमाबंदी में एकल खातेदारी दर्ज नहीं होने के कारण वे सरकारी योजनाओं एवं सहायता लाभ से वंचित रह जाते थे। साथ ही, शामलाती खातेदारी के कारण फसल बीमा योजना में एक ही व्यक्ति द्वारा काश्त करने की स्थिति में अन्य दर्ज खातेदारों को मुआवजा मिलने से वास्तविक काश्तकार को नुकसान की स्थिति उत्पन्न होती थी।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी द्वारा भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त रहनावा एवं मंडल पटवारी डुडवा को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सहमति विभाजन प्रस्ताव तैयार कर शिविर में प्रस्तुत किया गया।मौके पर ही सभी खातेदारों की सहमति से विभाजन की प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई, जिससे वर्षों से लंबित यह प्रकरण निस्तारित हुआ और खातेदारों को बड़ी राहत मिली।सभी खातेदारों ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी समाधान होने पर राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त किया।